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अहिरवार समाज संघ भारत के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जगदीश सुर्यवंशी जी के नेतृत्व में विदिशा जिले के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भारी पुलिस बल के साथ कुरवाई के ग्राम पिकलोन में हुई हत्या के पीड़ित परिवार से मिले।

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भोपाल:- आज अहिरवार समाज संघ भारत के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष  डॉक्टर  जगदीश सूर्यवंशी जी  उनके साथ पदाधिकारी व कार्यकर्ता  कुरवाई के पिकलोन में हुई घटना के मृतक हरप्रसाद अहिरवार के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे । । ग्राम पिकलोन में अनुसूचित जाति  वर्ग के व्यक्ति हरप्रसाद अहिरवार व उसके परिवार के साथ   कुछ सवर्णों के द्वारा  मारपीट की। आरोपियो के द्वारा जमीन रविदास व शिवपर्वती मंदिर की जमीन  की बाउंड्री को लेकर हरप्रसाद अहिरवार की हत्या कर दी गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर जगदीश सूर्यवंशी जी के नेतृत्व मृतक हरप्रसाद अहिरवार के परिजनों से मिले एवं घटना की एसपी महोदय से विस्तृत चर्चा हुई मौके पर घटना की जांच कर रहे डीएसपी श्री सौरभ तिवारी जी क्षेत्र के थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे जिसको लेकर  डी.एस.पी. श्री सौरभ तिवारी, कुरवाई टी आई श्री विजेंद्र मस्कोले, आदि प्रशासनिक अधिकारियों से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने व आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की चर्चा क हुई। तथा पीड़ित परिवार से घटनास्थल पर पहुंच क...

महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जीवन परिचय:-

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 महात्मा ज्योतिबा  फूले जयन्ती 11 April 2021 की  हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें ✍️✍️ नाम : महात्मा जोतिराव गोविंदराव फुले जन्म : ११ अप्रैल १८२७ पुणे पिता : गोविंदराव फुले माता : विमला बाई विवाह : सावित्रीबाई फुले         महात्मा ज्योतिबा फुले (ज्योतिराव गोविंदराव फुले) को 19वी. सदी का प्रमुख समाज सेवक माने जाते हैं। उन्होंने भारतीय समाज में फैली अनेक कुरूतियों को दूर करने के लिए सतत संघर्ष किया. अछुतोद्वार, नारी-शिक्षा, विधवा – विवाह और किसानो के हित के लिए ज्योतिबा ने उल्लेखनीय कार्य किया है. आरंभिक जीवन :         उनका जन्म 11 अप्रैल  1827  को सतारा महाराष्ट्र , में हुआ था. उनका परिवार बेहद गरीब था और जीवन-यापन के लिए बाग़-बगीचों में माली का काम करता था. ज्योतिबा जब मात्र  एक वर्ष के थे तभी उनकी माता का निधन हो गया था. ज्योतिबा का लालन – पालन सगुनाबाई नामक एक दाई ने किया. सगुनाबाई ने ही उन्हें माँ की ममता और दुलार दिया. 7 वर्ष की आयु में ज्योतिबा को गांव के स्कूल में पढ़ने भेजा गया.          जाति...